अयोध्या में स्थित श्री चंद्रहरी मंदिर - भगवान चंद्र और विष्णु को समर्पित प्राचीन मंदिर

अयोध्या में स्थित श्री चंद्रहरी मंदिर एक प्राचीन मंदिर है जो भगवान चंद्र और विष्णु को समर्पित है। इस मंदिर में भगवान की पूजा और समर्पण की जाती है। जानें इसके बारे में और अयोध्या के पवित्र स्वर्ग द्...

AYODHYA

राम सेवक

4/17/20241 min read

Chandra God praying to Bhagwan Shri Vishnu
Chandra God praying to Bhagwan Shri Vishnu

श्री चंद्रहरी मंदिर: भगवान चंद्र की भक्ति का एक अनूठा केंद्र।

राम समाचार के सभी पाठकों को इस राम सेवक का जय श्री राम!

अयोध्या के पवित्र स्वर्ग द्वार के पास राम पैड़ी के तट पर एक प्राचीन मंदिर स्थित है - श्री चंद्रहरी मंदिर। भगवान चंद्र, चंद्रमा के देवता, ने इस मंदिर की स्थापना की थी, यही मान्यता है। यह अनूठा मंदिर न केवल भगवान चंद्र की पूजा-अर्चना का स्थान है बल्कि भगवान विष्णु के 'चंद्रहरी' स्वरूप को भी समर्पित है।

इस मंदिर में भक्तों का श्रद्धापूर्वक विश्वास है कि यहां दर्शन करने से बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का फल मिलता है। स्कंद पुराण में भी इस मंदिर का गौरवपूर्ण वर्णन मिलता है। पुराण के अनुसार, इस स्थान पर प्रवेश मात्र से ही व्यक्ति के जन्मों-जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। यह मंदिर भगवान विष्णु के चंद्रहरी स्वरूप को समर्पित है। चंद्रहरी का अर्थ है - जहां भगवान शिव और भगवान विष्णु की परम शक्ति एक साथ उपस्थित है।

एक प्रचलित कथा के अनुसार, चंद्रदेव को अयोध्या की पावनता और भव्यता ने बेहद आकर्षित किया। तपस्या करने के बाद, अयोध्या की महिमा से प्रभावित होकर उन्होंने यहां तीर्थयात्रा की। इसी क्रम में उनकी भेंट भगवान विष्णु से हुई।

भगवान विष्णु ने उनसे वरदान मांगने को कहा। इस पर चंद्रदेव ने अपनी भक्ति व्यक्त करते हुए कहा कि वह यहीं अयोध्या में भगवान विष्णु के एक मंदिर की स्थापना करना चाहते हैं, जिसके नाम के साथ उनके नाम (चंद्र) को अग्र स्थान मिले। भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर उनकी इच्छा को स्वीकार किया। इसी तरह इस मंदिर का निर्माण हुआ और इसका नाम 'चंद्रहरी' पड़ा।

मंदिर में एक प्राचीन कुआँ है। मान्यता है कि इस कुएं के पवित्र जल से स्नान करने और अन्न आदि का दान करने से बड़ा पुण्यफल प्राप्त होता है। प्रत्येक वर्ष एक महीने के लिए 'धनुर्मास उत्सव', या 'श्री गोदाम्बा पर्व' आयोजित होता है।

श्री चंद्रहरी मंदिर भगवान चंद्र और भगवान विष्णु दोनों के भक्तों के लिए अत्यंत श्रद्धा का स्थान है। यह अयोध्या की भक्ति यात्रा के दौरान अवश्य भ्रमण करने योग्य मंदिरों में से एक है।

अगली बार फिर मिलेंगे, तब तक आप सभी को राम सेवक का जय श्री राम!